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डिप्रेशन के लक्षण एवं बचाव

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आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी लोगों के पास समय का अभाव है। इसके चलते व्यक्ति स्वंय के लिए पैसा तो कमा लेता है मगर वह जीवन में सुख व शांति को बहुत कमप्राप्त कर पाता है। समय की रफ़तार के साथ-साथ चलते वक्त व्यक्ति होड़ में इतना डूब जाता है कि वह खुद पर भी ध्यान नहीं दे पाता और परिवार से भी अलग-थलग रहता है जिससे परिवार भी शांति का अनुभव नहीं करता। ऐसे में व्यक्ति का मनोबल नाजुक होना आम बात है। इन सब कारणों से व्यक्ति कभी-कभी अपने आप को डिप्रेस्ड पाता है। तो आज हम डिप्रेशन पर चर्चा करेंगे।

डिप्रेशन क्या है (What is dipression)?

इसको अवसाद भी कहा जाता है। डिप्रेशन एक गंभीर मानसिक बिमारी है। जिससे पीड़ित व्यक्ति अपने आप को नकारात्मक विचारों से घिरा पाता है। वह अपने आपको बहुत छोटा व तुच्छ समझता है। उसका किसी काम में मन नहीं लगता। इससे व्यक्ति का भावात्मक हिस्सा छिन्न-भिन्न हो जाता है। मगर इस घातक बीमारी का इलाज संभव है। समय रहते इससे निजात पाया जा सकता है और व्यक्ति एकबार फ़िर से बेहतर जीवन जी सकता है।

डिप्रेशन के लक्षण क्या है?

वैसे तो इसके अनेक लक्षण होते हैं जो यह बताते हैं कि व्यक्ति अवसाद से पीड़ित है लेकिन हम यहां पर केवल मुख्य लक्षणों पर ही ध्यान देगें।
1. उदास रहना
2. गतिविधियों से रूचि का कम हो जाना या फिर पूरी तरह खत्म हो जाना।
3. थकान का रहना
4. चिड़चिड़ापन
5. बात बात पर गुस्सा आना
6. खुद को हानी पहुंचाना या ऐसा विचार आना
7. नींद का ना आना और भी बहुत कुछ

what is depression

डिप्रेशन किनको होता है?

वैसे यह बीमारी किसी के साथ भेदभाव नहिं करती। बच्चों, जवान और बूढो, हर उम्र के व्यक्ति इससेपीड़ित है। स्त्री हो या पुरुष डिप्रेशन के मामले हर विभाग से आते हैं। इसके होने की कई वजह होती है जिनमें से मुख्य हैं:-
1. आर्थिक परेशानी
2. नौकरी का चला जाना या फ़िर ना मिलना
3. प्यार में धोखा
4. शादी का टूटना
5. सेहत में गिरावट होना
6. असफ़ल होना और भी बहुत कुछ।

डिप्रेशन का ईलाज क्या है?

जैसे कि हमने बताया कि डिप्रेशन से पीड़ित व्यक्ति अपने आपको छोटा व तुच्छ समझता है। उसका मनोबल टूट जाता है। मगर डिप्रेशन का ईलाज संभव है। इसको तीन तरीके से ठीक किया जा सकता है।

दवाइयों से

जी हां, डिप्रेशन के दौरान सबसे ज्यादा उथल-पुथल दिमाग में चलती है। रसायनिक फेर बदल के कारण डिप्रेशन होता है। इस तरह के डिप्रेशन को दवाइयों से ठीक कियाजा सकता है। ऐसी दवाईयां दिमाग को शांत रखने में मदद करती हैं।

मनोविज्ञानिक से

मनोविज्ञानिक की मदद से भी डिप्रेशन का ईलाज किया जाता है। यह ईलाज सबसे बेहतर और दीर्घकालिन होता है। यह ईलाज व्यक्ति का मनोबल बढाने में काफ़ी मदद करता है।

खेल में भाग लेके

यह सुनने में भला ही अटपटा लगे मगर विभिऩ्न खेलों में हिस्सा लेकर व्यक्ति डिप्रेशन से जल्दी निजात पाता है। खेल के दौरान व्यक्ति दूसरे लोगों से मिलता-झुलता है। जिससे उसे अपने अंदर की नकारात्मक उर्जा से मुक्ति मिल जाती है |

 

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