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मधुमेह (डायबिटीज) – एक खतरनाक बीमारी

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मधुमेह (डायबिटीज)

भारत में प्रत्येक 5वां व्यक्ति को मधुमेह है और मधुमेह (डायबिटीज) से ग्रसित रोगी की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। मधुमेह कुछ सालों से खतरनाक रोग का रूप धारण कर लिया है। गांव (देहात) में इसे सुगर या चीनीया बिमारी भी कहा जाता है। मधुमेह होने का मुख्य कारण है खराब जीवनशैली, जिस पर अगर नियंत्रण नहीं रखा गया तो यह बाद में किडनी, हृदय, हाई ब्लड प्रेशर, आदि रोगों से संबंधित बिमारी होने का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन साबधानियां बरत कर इसे नियंत्रित किया जा सकता है। जब किसी व्यक्ति को पहली बार मधुमेह के बारे में पता चलता है तो वह तनावग्रस्त हो जाता है। आइए, इस तनाव को दूर करने के लिए डायबिटीज रोग के बारे में समझने का कोशिश करें।

क्या है डायबिटीज ?

मधुमेह रोगी के खून में ग्लूकोज की मात्रा आवश्यकता से अधिक हो जाता है। ऐसा दो कारण से हो सकता है जब रोगी के शरीर में प्रर्याप्त मात्रा में इंसुलिन नहीं बनता हो या कोशिकाएं बन रही इंसुलिन पर प्रतिक्रिया नहीं कर रहा है। हम जो खाना खाते हैं वो पेट में जाकर इनर्जी में बदलता है जिसे ग्लूकोज कहते हैं। ग्लूकोज को इंसुलिन हीं शरीर में लाखों कोशिकाओं के अन्दर पहुंचाता है। इंसुलिन के बिना ग्लूकोज कोशिकाओं में प्रवेश नहीं कर सकता। अब काम होता है इस ग्लूकोज/इनर्जी को शरीर में मौजूद लाखों कोशिकाओं के अन्दर पहुंचाना और ये काम तभी संभव है जब हमारे पैन्क्रियाज (अग्न्याशय) पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन बनाए। कोशिकाएं ग्लूकोज को जला कर शरीर को ऊर्जा पहुंचाते हैं जब यह प्रक्रिया सामान्य रूप से नहीं हो पाती है तो व्यक्ति मधुमेह/डायबिटीज का रोगी हो जाता है।

डायबिटीज को मुख्यतः दो श्रेणी में रखा गया है।

(1)          टाइप-1 डायबिटीज

(2)          टाइप-2 डायबिटीज

(1)          टाइप-1 डायबिटीज: इस डायबिटीज में शरीर की श्वेत कोशिकाएं पैन्क्रियाज की इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं को नष्ट कर देती है। इस कारण शरीर में पूर्ण रूप से इंसुलिन की कमी उत्पन्न हो जाती है। इसके कारणों को मालूम कर पाना फिलहाल मुश्किल है और यह कभी भी किसी शख्श को हो सकता है।

(2)          टाइप-2 डायबिटीज: इस डायबिटीज में शरीर में बनने वाली इंसुलिन का सही उपयोग नहीं हो पाता है। शरीर में इंसुलिन की अतिरिक्त मात्रा के कारण पैन्क्रियाज उचित मात्रा में इंसुलिन नहीं बना पाता है। इस प्रकार के डायबिटीज के मामले सबसे ज्यादा आते हैं।

यह एक अनुवांशिक बिमारी है जैसे किसी माता-पिता को मधुमेह है तो उसके बच्चों को भी इस बिमारी के होने की संभावना अधिक रहती है।

मधुमेह मरीज खाने-पीने के इन चीजों से परहेज करें:-

मिठाई, चीनी, मुरब्बा, गुड़, आइसक्रीम, केक, पेस्ट्री, चॉकलेट, शीतल पेय, क्रीमयुक्त दूध, तला हुआ भोजन, घी, मक्खन, धूम्रपान, जंक फूड, डिब्बा बंद एवं संरक्षित खाद्य पदार्थ इत्यादि।

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मधुमेह मरीज खाने-पीने के इन चीजों का सेवन करें:-

मूली, टमाटर, गाजर, पत्तीदार सब्जी, पालक, गोभी, हरी सब्जियाँ,  कच्ची मूंगफली, केले, खरबूजे, कच्चा केला , सूखे मटर, गेहूं, दलिया, बादाम, मोट अनाज, दाल, मकई, मट्ठा, दही, अंगूर एवं अनार का रस, खूब पानी पीएं, सेब, अंजीर, काली बेरी, कीवी फल, खट्टे फल, ककड़ी, सलाद, प्याज, लहसुन इत्यादि।

मधुमेह मरीज खाने-पीने के इन चीजों का सेवन कम करें:-

अंडा, मीट, मछली, नमक, चाय, कॉफी, शहद, अल्कोहल, नारियल इत्यादि।

 

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